क्या आप जानते है कुछ लोग हकलाते क्यों हैं?....
बोलने की प्रकिया होठ हिलाने भर से पूरी नहीं होती है बल्कि इसमें स्वर्तन्तु,गाल ,जीभ और होठ के बीच सामजस्य कई जरूरत होती है जब कोई व्यक्ति इन सब में सामजस्य स्थापित नहीं क्र पाता तो वह हकलाने लगता है हकलाने के कारण वह किसी शब्द के पहले अक्षर पर अटक जाता है और थोड़ी देर बाद ही वह पूरा शब्द बोल पाता है उसे माँ बोलना हो तो वह म...म....माँ बोलता है बोलने में दिमाग के कई कार्यो में भी सामजस्य होना जरूरी होता है अगर दिमाग के सुनने और देखने का काम करने वाले हिस्से में बीमारी हो जाये तो वह ठीक से काम नहीं कर पाता है और इसके कारण व्यक्ति हकलाने लग जाता है हकलाने के कारण चहरे कई मांसपेशियों द्वारा अपना काम करने के बाद भी आवाज नहीं निकलती है इसकी शुरुवात किशोरावस्था में होती है हकलाहट महिलाओं कई अपेक्षा पुरषो में अधिक होती है डाक़्टर इसके सही कारणों का पता लगाने में असफल रहे है यह बीमारी शारीरिक विकृति या भावनात्मक परेशानी से जुडी होती है इसको ठीक करने के लिए कोई दवाई आज तक नहीं बनी है लेकिन इसका इलाज साइकोथेरेपी और स्पीच थेरेपी के द्वारा किया जा सकता है Fore More Details Visit :- https://www.healthsolution.co.in
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Wednesday, 22 June 2016
क्या आप जानते है अस्थमा क्यों होता हैं?....
क्या आप जानते है अस्थमा क्यों होता हैं?....
सदियों से अस्थमा के मरीजों को काफी परेशानी होती है अस्थमा को कई लोग एक बीमारी कई तरह मानते है लेकिन यह वास्तव में बीमारी नहीं है अस्थमा एक स्थिति या लक्षण है जो किसी दूसरी वजह से पड़ा होता है जब किसी व्यक्ति को अस्थमा होता है तो उसे सांस लेने में तकलीफ होती है और उसका दम घुटने लगता है समान्यता अस्थमा तब होता है जब फेफड़ों तक सांस के पहुंचने और बाहर निकलने में कोई अवरोध पड़ा हो जाता है इस अवरोध कई वजह कोई एलर्जी ,कोई बीमारी ,भावनात्मक कारण या वातावरण कई परिसिथतियाँ भी हो सकती है यदि ३० वर्ष से कम उम्र के किसी व्यक्ति को अस्थमा होता है तो यह किसी एलर्जी का ही परिणाम होता है ऐसा व्यक्ति धूल,धुप,धुंआ,पराग,पशु,दवा या कई तरह के भोजन के प्रति अधिक सवेदनशील होता है छोटे बच्चों को अस्थमा मुख्य्ता फ़ूड एलर्जी के कारण ही होता है यह एलर्जी अंडे ,दूध ,गेहू से बने पदार्थ या डेयरी प्रोडक्ट्स के कारण भी हो सकती है जिन लोगो को अस्थमा होता है उन्हें खास तरह का भोजन दिया जाता है ताकि वे उस भोजन को गर्हण न करे जिससे उन्हें एलर्जी हो सकती है इसके इलावा उन्हें विशेष माहौल में भी रखा जाता है ताकि वे वातावरण कई उन चीजों के सम्पर्क में न आए जिससे उन्हें एलर्जी हो सकती है For More details visit https://www.healthsolution.co.inVideo Link :-https://youtu.be/c5yLyfERIZE
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Friday, 10 June 2016
ह्रदय रोगियों के लिए रामबाण घरेलू नुस्खा
ह्रदय रोगियों के लिए रामबाण घरेलू नुस्खा
ह्रदय रोगियों के लिए यह नुस्खा रामबाण की तरह काम करता है इसको आप घर पर ही बड़ी आसानी से तैयार कर सकते है और अपनी ह्रदय बीमारियों से छुटकारा पा सकते है
उपचार :-
छिल्का सहित घीया लेकर पहले साफ पानी से धो ले फिर इसे छिलके सहित ही किसनी में कस ले घियाक्स करने के बाद इस कसी हुई घीया को साफ सिलबट्टे पर या ग्राइंडर द्वारा पीस ले पीसते समय इसके साथ सात तुलसी की पत्तियां और पांच पुदीने की पत्तियां भी पीस ले पीसी हुई घीया को किसी साफ सूती कपड़े में या छलनी में छानकर रस निकाल ले छाने गए रस की मात्रा 125 ग्राम के लगभग होनी चाहिए इस घीये के रस में समान मात्रा में पानी मिला ले ताकि घीया के रस की मात्रा 250 ग्राम हो सके इसके बाद इसमें चार पीसी हुई काली मिर्च तथा एक ग्राम पिसा हुआ सेंधा नमक मिला ले बस औषधि की यह मात्रा तैयार हो गई
सेवन विधि :-
घीया के रस की मात्रा ह्रदय रोगी को दिन में तीन बार -सुबह ,दोपहर,और रात को -भोजन के आधा घंटा बाद लेनी चाहिए प्रथम चार दिन रस की मात्रा कुछ कम ली जा सकती है बाद में ठीक सा हाजमा होने पर रोजाना तीन बार पूरा २५० ग्राम रस ले रस हर बार ताजा लेना चाहिए घीया का रस पेट में जो भी पाचन विकार होता है उन्हें दूर करके मल के द्वारा बाहर निकाल देता है जिसके कारण पेट में कुछ खलबली व् गड़गड़ाहट महसूस होती है जो एक स्वाभाविक प्रक्रिया है
सावधानिया :-
1. ह्रदय रोगी कोई भी व्यक्ति इस प्रयोग को कर सकता है परन्तु इस दौरान पहले से चल रही कोई भी औषधि को एकदम छोड़ना नहीं चाहिए दोनों को साथ -साथ एक दो घंटो का अंतर् रखते हुए चलने दे
2. रोगी को प्रतिदिन बिना किसी अतिरिक्त कष्ट के रोजाना पांच-छह किलोमीटर पैदल चलना चाहिए
3. उपचार के दौरान किसी भी खट्टी वस्तु का सेवन न करें
4. मलाईदार दही का प्रयोग न करें
5. मांस ,मदिरा ,धूम्रपान आदि नशीली चीजों का सेवन बंद कर दे यह अति आवश्यक है
6. रात का भोजन सोने के तीन घंटे पूर्व करें तथा भोजन आराम से चबा-चबा कर खाये
ह्रदय रोगियों के लिए यह नुस्खा रामबाण की तरह काम करता है इसको आप घर पर ही बड़ी आसानी से तैयार कर सकते है और अपनी ह्रदय बीमारियों से छुटकारा पा सकते है
उपचार :-
छिल्का सहित घीया लेकर पहले साफ पानी से धो ले फिर इसे छिलके सहित ही किसनी में कस ले घियाक्स करने के बाद इस कसी हुई घीया को साफ सिलबट्टे पर या ग्राइंडर द्वारा पीस ले पीसते समय इसके साथ सात तुलसी की पत्तियां और पांच पुदीने की पत्तियां भी पीस ले पीसी हुई घीया को किसी साफ सूती कपड़े में या छलनी में छानकर रस निकाल ले छाने गए रस की मात्रा 125 ग्राम के लगभग होनी चाहिए इस घीये के रस में समान मात्रा में पानी मिला ले ताकि घीया के रस की मात्रा 250 ग्राम हो सके इसके बाद इसमें चार पीसी हुई काली मिर्च तथा एक ग्राम पिसा हुआ सेंधा नमक मिला ले बस औषधि की यह मात्रा तैयार हो गई
सेवन विधि :-
घीया के रस की मात्रा ह्रदय रोगी को दिन में तीन बार -सुबह ,दोपहर,और रात को -भोजन के आधा घंटा बाद लेनी चाहिए प्रथम चार दिन रस की मात्रा कुछ कम ली जा सकती है बाद में ठीक सा हाजमा होने पर रोजाना तीन बार पूरा २५० ग्राम रस ले रस हर बार ताजा लेना चाहिए घीया का रस पेट में जो भी पाचन विकार होता है उन्हें दूर करके मल के द्वारा बाहर निकाल देता है जिसके कारण पेट में कुछ खलबली व् गड़गड़ाहट महसूस होती है जो एक स्वाभाविक प्रक्रिया है
सावधानिया :-
1. ह्रदय रोगी कोई भी व्यक्ति इस प्रयोग को कर सकता है परन्तु इस दौरान पहले से चल रही कोई भी औषधि को एकदम छोड़ना नहीं चाहिए दोनों को साथ -साथ एक दो घंटो का अंतर् रखते हुए चलने दे
2. रोगी को प्रतिदिन बिना किसी अतिरिक्त कष्ट के रोजाना पांच-छह किलोमीटर पैदल चलना चाहिए
3. उपचार के दौरान किसी भी खट्टी वस्तु का सेवन न करें
4. मलाईदार दही का प्रयोग न करें
5. मांस ,मदिरा ,धूम्रपान आदि नशीली चीजों का सेवन बंद कर दे यह अति आवश्यक है
6. रात का भोजन सोने के तीन घंटे पूर्व करें तथा भोजन आराम से चबा-चबा कर खाये
Saturday, 4 June 2016
रंग गोरा करने के रामबाण नुस्खे | Beauty Tips
रंग गोरा करने के रामबाण नुस्खे
सभी चाहते है की उनका रंग गोरा हो इसके लिए हम यहाँ पर कुछ उपचार बता रहे है
उपचार ;-
1. सुबह कच्चे दूध के साथ चेहरा मले और उसे थोड़ा सूख जाने पर खाने वाला नमक लगाकर उससे अपनी त्वचा रगड़े इससे चेहरे पर जमी मैल व् अतिरिक्त तथा मृत त्वचा निकल जाएगी इसके बाद निम्बू और शहद का मिश्रण हथेली में लेकर पूरे चेहरे पर लगाए और सूख जाने पर गुनगुने पानी से धो ले इस मिश्रण को लगाने पर त्वचा का रंग निखरता है
2. बेसन,हल्दी,निम्बू,दही और गुलाब जल को मिलाकर लेप बनाकर उसे सप्ताह में एक बार लगाए इस लेप का प्रयोग फेस पेक की तरह भी कर सकते है तथा इस लेप को पूरे शरीर पर लगाकर भी स्नान कर सकते है इससे त्वचा में निखार आता है व् चेहरे और शरीर का रंग साफ होता है यह प्रयोग तेलीय त्वचा के लिए बहुत उपयोगी है
3. एक मुठी छने हुए जौ के आटा को एक पतले रुमाल में बांधकर उस पोटली को कच्चे दूध में भिगोकर सप्ताह में कम से कम तीन बार नहाते समय बदन पर रगडिये ऐसा नियिमित करते रहने से धीरे-धीरे त्वचा का साँवलापन दूर हो जायेगा
4. सामान मात्रा में निम्बू और टमाटर का रस चेहरे पर लगाकर आधे घंटे बाद धोए इससे चेहरे पर निखार अनुभव करेंगे
5. एक कच्चा टमाटर मथकर उसमे एक बड़ा चम्मच छाछ मिलाये और चेहरे व् हाथ-पाँव जहां की त्वचा साँवली पड़ी हो लगाए और आधे घंटे बाद धो डाले
6. दो बड़े चम्मच खीरे के रस में आधा चम्मच निम्बू का रस व् चुटकी भर हल्दी मिला ले इसे आधे घंटे चेहरे पर लगाने के बाद चेहरा पानी से धो ले चेहरा गोरा हो जायेगा
सावधानी :- इन सब के अतिरिकत हमे अपनी त्वचा को सूर्य की रोशनी से बचाना चाहिए सूर्य की रोशनी से त्वचा शीघ्रता से काली पड़ती जाती है
सभी चाहते है की उनका रंग गोरा हो इसके लिए हम यहाँ पर कुछ उपचार बता रहे है
उपचार ;-
1. सुबह कच्चे दूध के साथ चेहरा मले और उसे थोड़ा सूख जाने पर खाने वाला नमक लगाकर उससे अपनी त्वचा रगड़े इससे चेहरे पर जमी मैल व् अतिरिक्त तथा मृत त्वचा निकल जाएगी इसके बाद निम्बू और शहद का मिश्रण हथेली में लेकर पूरे चेहरे पर लगाए और सूख जाने पर गुनगुने पानी से धो ले इस मिश्रण को लगाने पर त्वचा का रंग निखरता है
2. बेसन,हल्दी,निम्बू,दही और गुलाब जल को मिलाकर लेप बनाकर उसे सप्ताह में एक बार लगाए इस लेप का प्रयोग फेस पेक की तरह भी कर सकते है तथा इस लेप को पूरे शरीर पर लगाकर भी स्नान कर सकते है इससे त्वचा में निखार आता है व् चेहरे और शरीर का रंग साफ होता है यह प्रयोग तेलीय त्वचा के लिए बहुत उपयोगी है
3. एक मुठी छने हुए जौ के आटा को एक पतले रुमाल में बांधकर उस पोटली को कच्चे दूध में भिगोकर सप्ताह में कम से कम तीन बार नहाते समय बदन पर रगडिये ऐसा नियिमित करते रहने से धीरे-धीरे त्वचा का साँवलापन दूर हो जायेगा
4. सामान मात्रा में निम्बू और टमाटर का रस चेहरे पर लगाकर आधे घंटे बाद धोए इससे चेहरे पर निखार अनुभव करेंगे
5. एक कच्चा टमाटर मथकर उसमे एक बड़ा चम्मच छाछ मिलाये और चेहरे व् हाथ-पाँव जहां की त्वचा साँवली पड़ी हो लगाए और आधे घंटे बाद धो डाले
6. दो बड़े चम्मच खीरे के रस में आधा चम्मच निम्बू का रस व् चुटकी भर हल्दी मिला ले इसे आधे घंटे चेहरे पर लगाने के बाद चेहरा पानी से धो ले चेहरा गोरा हो जायेगा
सावधानी :- इन सब के अतिरिकत हमे अपनी त्वचा को सूर्य की रोशनी से बचाना चाहिए सूर्य की रोशनी से त्वचा शीघ्रता से काली पड़ती जाती है
क्या आप जानते है ?? नवजात शिशु अपनी माँ को कैसे पहचान लेता है
क्या आप जानते है ?? नवजात शिशु अपनी माँ को कैसे पहचान लेता है
नवजात बच्चे की अपनी माँ के साथ संपर्कता उसके पैदा होने से पहले ही माँ के पेट में होना प्रारंभ हो जाती है जब वह माँ के पेट में होता है तो वह माँ के ह्रदय की घडकन और माँ की आवाज से परिचित होने लगता है जैसे बच्चा पैदा होता है माँ अपने बच्चे को पकड़ती है और कलेजे से लगाती है इससे बच्चे को केवल आराम ही नहीं मिलता बल्कि बच्चे का अपनी माँ के साथ संपर्क और संबंध स्थापित करने में सहायता मिलती है वैसे भी माँ बच्चे को खाने-पिलाने नहलाने-धुलने आदि में अधिकतर उसके संपर्क में रहती है जो माँ को पहचानने में सहायक होती है इसके अतिरिक्त माँ के संपर्क में रहते-रहते बच्चा माँ के शरीर की गंध से भी परिचित हो जाता है जो उसे अपनी माँ को पहचानने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है इन्ही कारणों से नवजात बच्चा अपनी माँ को पहचान लेता है
नवजात बच्चे की अपनी माँ के साथ संपर्कता उसके पैदा होने से पहले ही माँ के पेट में होना प्रारंभ हो जाती है जब वह माँ के पेट में होता है तो वह माँ के ह्रदय की घडकन और माँ की आवाज से परिचित होने लगता है जैसे बच्चा पैदा होता है माँ अपने बच्चे को पकड़ती है और कलेजे से लगाती है इससे बच्चे को केवल आराम ही नहीं मिलता बल्कि बच्चे का अपनी माँ के साथ संपर्क और संबंध स्थापित करने में सहायता मिलती है वैसे भी माँ बच्चे को खाने-पिलाने नहलाने-धुलने आदि में अधिकतर उसके संपर्क में रहती है जो माँ को पहचानने में सहायक होती है इसके अतिरिक्त माँ के संपर्क में रहते-रहते बच्चा माँ के शरीर की गंध से भी परिचित हो जाता है जो उसे अपनी माँ को पहचानने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है इन्ही कारणों से नवजात बच्चा अपनी माँ को पहचान लेता है
Friday, 3 June 2016
बवासीर का रामबाण घरेलू नुस्खा
बवासीर का रामबाण घरेलू नुस्खा
फ़ास्ट फ़ूड में रेशे की कमी होती है जिससे कब्ज हो जाती है यह कब्ज ही आगे जाकर बवासीर बन जाती है फ़ास्ट फ़ूड से बवासीर के रोगियों में वृद्धि हुई है कब्ज न होने देना ही बवासीर रोग का बचाव है बवासीर दो प्रकार की होती है दोनों के उपचार यहाँ दिए गए है
1. नॉन ब्लीडिंग पाइल्स के उपचार :-
1. एक सफेद मूली को काटकर नमक लगाकर रात को ओंस में रख दे इसे सुबह खाली पेट खाये मल त्याग के बाद गुदा भी मूली के पानी से धोए
2. बवासीर पर लोकी के पत्तो को पीसकर लेप करने से कुछ ही दिनों में बवासीर ख़त्म हो जाती है
2. ब्लीडिंग पाइल्स के उपचार :-
1. गर्म दूध में आधे निम्बू का रस डालकर तुरंत हर तीन घंटे में पिए
2. लोकी के छिलके छाया में सुखाकर पीस ले इसकी एक चम्मच सुबह-शाम दो बार ठंडे पानी के साथ फांकी लेने से बवासीर में रक्त आना बंद हो जाता है यह प्रयोग सात दिन तक करें
अगर आपको हमारी वीडियो अच्छी लगे तो प्लीज लाइक,शेयर व् हमारे चैनल को सब्सक्राइब करना न भूले क्योकि इस चैनल पर हम आपको आपकी हेल्थ से संबंदित सलूशन प्रोवाइड करते है
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फ़ास्ट फ़ूड में रेशे की कमी होती है जिससे कब्ज हो जाती है यह कब्ज ही आगे जाकर बवासीर बन जाती है फ़ास्ट फ़ूड से बवासीर के रोगियों में वृद्धि हुई है कब्ज न होने देना ही बवासीर रोग का बचाव है बवासीर दो प्रकार की होती है दोनों के उपचार यहाँ दिए गए है
1. नॉन ब्लीडिंग पाइल्स के उपचार :-
1. एक सफेद मूली को काटकर नमक लगाकर रात को ओंस में रख दे इसे सुबह खाली पेट खाये मल त्याग के बाद गुदा भी मूली के पानी से धोए
2. बवासीर पर लोकी के पत्तो को पीसकर लेप करने से कुछ ही दिनों में बवासीर ख़त्म हो जाती है
2. ब्लीडिंग पाइल्स के उपचार :-
1. गर्म दूध में आधे निम्बू का रस डालकर तुरंत हर तीन घंटे में पिए
2. लोकी के छिलके छाया में सुखाकर पीस ले इसकी एक चम्मच सुबह-शाम दो बार ठंडे पानी के साथ फांकी लेने से बवासीर में रक्त आना बंद हो जाता है यह प्रयोग सात दिन तक करें
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Thursday, 26 May 2016
प्रसव पीड़ा को खत्म करने का रामबाण नुस्खा | Home Remedies for Painless De...
प्रसव पीड़ा को खत्म करने का रामबाण नुस्खा | Home Remedies for Painless Delivery
माँ बनना स्त्री के लिए सबसे बड़ा सुख है पहली बार अपने बच्चे की सूरत देख कर माता प्रसव के समय होने वाली वेदना भी भुला देती है किन्तु फिर भी प्रसव वेदना महिलाओं के लिए एक श्राप के समान है खासकर जब पहला बच्चा पैदा होता है तो यह वेदना प्रसूता के लिए असहनीय हो जाती कभी-कभी तो प्रसूता भी बेहोश हो जाती है प्रसव की इसी वेदना को कम करने की लिए मैं आपको कुछ उपचार बता रही हूँ for More Details plz visit our website :- http://www.healthsolution.co.in
उपचार ;-
1. तुलसी पत्र का रस पिलाने से या तो प्रसव पीड़ा नहीं होती या कम हो जाती है
2. तुलसी के बीज पानी में भिगो दे जब पानी में बीजों का लुआब अच्छी प्रकार से घुल जाये तो उसमे मिश्री घोलकर प्रसूता को पिला दे प्रसव पीड़ा में कमी हो जाती है
3. यदि प्रसव के समय प्रसूता लहसुन की कच्ची कलिया चबा ले तो प्रसव वेदना आधे से भी कम हो जाती है दर्द से मूर्छा भी नहीं आती दांतों से जीभ व् होंठ काटने से प्रसूता बच जाती है दांतों तले लहसुन की कलियाँ चबाते रहने से प्रसव शीघ्र व् सरलता से हो जाता है
4. नीम की छोटी सी जड़ लेकर प्रसूता की कमर के साथ बांध दे प्रसव हो जाने पर इसे फेंक दे
5. जब प्रसव के दर्द शुरू हो जाये तो नीम के पत्तो का रस गुनगुना करके प्रसूता को पिला दे इससे गर्भाशय में संकुचन होगा और प्रसव जल्दी से हो जाएगा
अगर आपको हमारी वीडियो अच्छी लगे तो प्लीज लाइक,शेयर व् हमारे चैनल को सब्सक्राइब करना न भूले क्योकि इस चैनल पर हम आपको आपकी हेल्थ से संबंदित सलूशन प्रोवाइड करते है
Video link :- https://youtu.be/aUCjpF00EL8
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माँ बनना स्त्री के लिए सबसे बड़ा सुख है पहली बार अपने बच्चे की सूरत देख कर माता प्रसव के समय होने वाली वेदना भी भुला देती है किन्तु फिर भी प्रसव वेदना महिलाओं के लिए एक श्राप के समान है खासकर जब पहला बच्चा पैदा होता है तो यह वेदना प्रसूता के लिए असहनीय हो जाती कभी-कभी तो प्रसूता भी बेहोश हो जाती है प्रसव की इसी वेदना को कम करने की लिए मैं आपको कुछ उपचार बता रही हूँ for More Details plz visit our website :- http://www.healthsolution.co.in
उपचार ;-
1. तुलसी पत्र का रस पिलाने से या तो प्रसव पीड़ा नहीं होती या कम हो जाती है
2. तुलसी के बीज पानी में भिगो दे जब पानी में बीजों का लुआब अच्छी प्रकार से घुल जाये तो उसमे मिश्री घोलकर प्रसूता को पिला दे प्रसव पीड़ा में कमी हो जाती है
3. यदि प्रसव के समय प्रसूता लहसुन की कच्ची कलिया चबा ले तो प्रसव वेदना आधे से भी कम हो जाती है दर्द से मूर्छा भी नहीं आती दांतों से जीभ व् होंठ काटने से प्रसूता बच जाती है दांतों तले लहसुन की कलियाँ चबाते रहने से प्रसव शीघ्र व् सरलता से हो जाता है
4. नीम की छोटी सी जड़ लेकर प्रसूता की कमर के साथ बांध दे प्रसव हो जाने पर इसे फेंक दे
5. जब प्रसव के दर्द शुरू हो जाये तो नीम के पत्तो का रस गुनगुना करके प्रसूता को पिला दे इससे गर्भाशय में संकुचन होगा और प्रसव जल्दी से हो जाएगा
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